जमाबंदी बिहार | Jamabandi Bihar

जमाबंदी बिहार | Jamabandi Bihar

जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) क्या है?

“जमाबंदी बिहार – Jamabandi Bihar” का सीधा मतलब बिहार राज्य के भूमि अभिलेख (Land Record) से है। इसे आप ज़मीन की एक आधिकारिक ‘पासबुक’ या “रजिस्टर-II” समझ सकते हैं, जिसमें किसी रैयत (ज़मीन के मालिक) और उसकी ज़मीन से जुड़ी सारी जानकारी (जैसे- मालिक का नाम, खाता-खेसरा, रकबा, और भू-लगान) दर्ज होती है।

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पहले यह जमाबंदी सिर्फ़ कागज़ी रजिस्टर में होती थी, लेकिन अब बिहार सरकार ने इन सभी रिकॉर्ड्स को बिहारभूमि(Bihar Bhumi/Bihar Jamabandi) पोर्टल पर ऑनलाइन (डिजिटाइज़) कर दिया है। यह ज़मीन पर आपके मालिकाना हक़ का मुख्य प्रमाण है और इसी डिजिटल जमाबंदी के आधार पर ज़मीन का ऑनलाइन लगान जमा करने, दाखिल-खारिज (Mutation) कराने, या LPC (भूमि कब्ज़ा प्रमाण पत्र) बनवाने जैसे सभी महत्वपूर्ण काम किए जाते हैं।

Table of Contents

जन शिकायत पोर्टल (Public Grievance Portal) – Jamabandi Bihar

क्या आप बिहार में अपनी जमाबंदी या भूमि रिकॉर्ड से संबंधित किसी समस्या का सामना कर रहे हैं? अब आप आसानी से अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं । बिहार सरकार ने नागरिकों की सुविधा के लिए कई ऑनलाइन पोर्टल शुरू किए हैं ।

आपकी जमाबंदी से जुड़ी शिकायतों के लिए बिहार भूमि (Bihar Bhumi) का आधिकारिक पोर्टल सबसे प्रमुख माध्यम है । इस वेबसाइट पर एक समर्पित” जन शिकायत पोर्टल” (Jan Shikayat Portal) है, जहाँ आप अपनी समस्या का निवारण पा सकते हैं ।

इसके अतिरिक्त, आप अपनी शिकायत दर्ज करने या उसकी स्थिति (status) जानने के लिए’ लोक शिकायत निवारण अधिकार’ पोर्टल का भी उपयोग कर सकते हैं ।’ सेवा समाधान’ पोर्टल भी शिकायतों के लिए एक अन्य विकल्प है ।

बिहार भूमि (Bihar Bhumi) पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया

यदि आप बिहार भूमि पोर्टल (Bihar Bhumi Portal) का उपयोग कर रहे हैं, तो नीचे दिए गए चरणों का पालन करें

Jamabandi Bihar - Bihar Bhumi
Jamabandi Bihar – Bihar Bhumi

आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ सबसे पहले, अपने वेब ब्राउज़र में बिहार भूमि (Bihar Bhumi) की आधिकारिक वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in खोलें ।

शिकायत पोर्टल चुनें वेबसाइट के होमपेज पर,”जन शिकायत पोर्टल” लिखे विकल्प को खोजें और उस पर क्लिक करें ।

लॉगिन करें पोर्टल पर आगे बढ़ने के लिए, आपको अपने उस मोबाइल नंबर का उपयोग करके लॉगिन करना होगा जो बिहार भूमि पोर्टल (Bihar Bhumi Portal) पर पहले से पंजीकृत (registered) है ।

शिकायत दर्ज करें लॉगिन करने के बाद, फॉर्म में अपनी शिकायत से संबंधित सभी आवश्यक विवरण भरें और अपनी शिकायत सबमिट कर दें ।

बिहार अपनी जमाबंदी शिकायत का स्टेटस (Status) ऑनलाइन कैसे देखें?

यदि आपने बिहार में अपनी भूमि या जमाबंदी से संबंधित कोई समस्या दर्ज करवाई है, तो आप उसकी प्रगति को आसानी से ऑनलाइन ट्रैक (Online Track) कर सकते हैं । सरकार इसके लिए मुख्य रूप से दो पोर्टल प्रदान करती है बिहार भूमि पोर्टल (Bihar Bhoomi) और बिहार लोक शिकायत निवारण प्रणाली (BPS) ।

इन दोनों पोर्टलों पर आपको “जन शिकायत” (Public Grievance) या “शिकायत की स्थिति” (Complaint Status) जैसा एक अनुभाग मिलेगा, जिसका उपयोग करके आप अपनी शिकायत का वर्तमान हाल जान सकते हैं ।

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जन शिकायत पोर्टल पर स्टेटस चेक करने के चरण

किसी भी जन शिकायत पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत की स्थिति (Status) जानने के लिए, इन सरल चरणों का पालन करें

सही पोर्टल पर जाएँ बिहार भूमि (Bihar Bhumi) या लोक शिकायत निवारण की आधिकारिक वेबसाइट खोलें और “शिकायत की स्थिति” (Complaint Status) या “जन शिकायत” (Public Grievance) लिंक पर क्लिक करें ।

जानकारी भरें आपको अपनी शिकायत संख्या (Complaint Number) या याचिका संख्या (supplication Number) दर्ज करने के लिए कहा जाएगा । इसे दिए गए बॉक्स में सही- सही भरें ।

सुरक्षा जाँच (कैप्चा) स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड (Captcha Code) को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उसे निर्धारित बॉक्स में दर्ज करें ।

स्थिति जानें’ सबमिट’ या’ देखें’ (View Status) बटन पर क्लिक करते ही, आपकी शिकायत की वर्तमान स्थिति और उस पर हुई कार्रवाई का विवरण आपकी स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा ।

Jamabandi Bihar: उपयोगकर्ता पुस्तिका और प्रक्रिया – User Manual, Process and FAQ

1. Process to file Mutation.

2. Process to view Online Jamabandi

3. Process to Pay Online Bhu-Lagan

4. Process to file Land Possession Certificate

5. Process of Parimarjan

6. Process to View Map

7. Process of Special Survey (Poem)

8. Process of Mutation (Poem)

9. Tri-junction Identification Process

10. FAQ of Bihar Special Survey

11. MARBLE (Map and Record Based Land Entitlement)

12. FAQ of Jamabandi and Parimarjan

13. FAQ of Mutation

14. FAQ of EMAPI

15. FAQ of SMS Alert

16. FAQ of Land Conversion

Jamabandi Bihar पोर्टल: लॉगिन करने की सरल प्रक्रिया

Jamabandi Bihar पोर्टल पर अपनी ज़मीन से जुड़ी जानकारी देखने या अन्य सेवाओं का लाभ उठाने के लिए, आपको पहले लॉगिन करना होगा। यह प्रक्रिया बहुत आसान है। आपकी सुविधा के लिए, यहाँ नए और पुराने, दोनों तरह के उपयोगकर्ताओं के लिए दिशानिर्देश दिए गए हैं।

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क्या आप नए उपयोगकर्ता हैं? (पहली बार पंजीकरण)

अगर आप इस पोर्टल पर पहली बार आए हैं, तो आपको पहले अपना एक खाता (Account) बनाना होगा।

  1. सबसे पहले, होमपेज पर दिए गए “Registration” (पंजीकरण) लिंक पर क्लिक करें।
  2. वहाँ माँगी गई सभी ज़रूरी जानकारी सही-सही भरें और अपना खाता बनाएँ।
  3. खाता बनने के बाद, आप नीचे दिए गए “लॉगिन” चरणों का पालन कर सकते हैं।

पहले से पंजीकृत उपयोगकर्ताओं के लिए लॉगिन गाइड

यदि आपका खाता Jamabandi Bihar पोर्टल पर पहले से ही बना हुआ है, तो लॉगिन करने के लिए बस इन तीन आसान चरणों का पालन करें:

  1. मोबाइल नंबर दर्ज करें: सबसे पहले दिए गए बॉक्स में अपना 10 अंकों का पंजीकृत मोबाइल नंबर डालें।
  2. सुरक्षा कोड भरें: अगले बॉक्स में, आपको जो सुरक्षा कोड (कैप्चा) दिख रहा है, उसे ध्यान से देखकर वैसा ही भरें।
  3. लॉगिन करें: अंत में, “Login” बटन पर क्लिक करें। आप अपने खाते में सफलतापूर्वक प्रवेश कर जाएँगे।

दाखिल-खारिज (Mutation) आवेदकों के लिए

जो भी रैयत अपनी भूमि के दाखिल-खारिज (Mutation) के लिए आवेदन करने जा रहे हैं, उनसे अनुरोध है कि वे इस महत्वपूर्ण सूचना पर विशेष ध्यान दें:

आवेदन से पहले जाँच लें: दाखिल-खारिज का आवेदन करने से पहले, यह अनिवार्य है कि आप उस “विक्रेता” या “पूर्व के जमाबंदी रैयत” (जिसकी जमाबंदी से आपकी भूमि को खारिज किया जाना है) का विवरण Jamabandi Bihar पोर्टल पर ऑनलाइन जाँच लें।

अगर विवरण मेल नहीं खाता है: जाँच के दौरान, यदि आपको लगता है कि जिस भूमि का दाखिल-खारिज होना है, उसका विवरण विक्रेता/पूर्व रैयत की ऑनलाइन जमाबंदी में मौजूद नहीं है (या गलत है), तो ऐसी स्थिति में पहले “परिमार्जन” (Parimarjan) के माध्यम से उस जमाबंदी में सुधार करवाएँ।

जब विक्रेता या पूर्व रैयत की जमाबंदी पूरी तरह से सही और अपडेटेड हो जाए, केवल तभी अपनी भूमि के दाखिल-खारिज के लिए आवेदन करें। इससे आपकी प्रक्रिया सुचारू और बिना किसी बाधा के पूरी होगी।

Jamabandi Bihar: ऑनलाइन दाखिल-ख़ारिज (Mutation) के लिए स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

बिहार में ज़मीन खरीदने के बाद, उसका दाखिल-ख़ारिज (Mutation) कराना एक अनिवार्य प्रक्रिया है। यह प्रक्रिया आपके जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) रिकॉर्ड को अपडेट करती है, जिससे आप ज़मीन के आधिकारिक मालिक बनते हैं। बिहार सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है।

अगर आप पहली बार आवेदन कर रहे हैं, तो आपको पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा। नीचे दी गई गाइड में रजिस्ट्रेशन से लेकर फाइनल रसीद प्रिंट करने तक का पूरा प्रोसेस समझाया गया है।

पहला चरण: पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन (नये यूज़र्स के लिए)

  1. वेबसाइट खोलें: सबसे पहले, बिहार सरकार की भूमि सुधार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट land.bihar.gov.in पर जाएँ।
  2. ऑनलाइन आवेदन पर जाएँ: होमपेज पर “ऑनलाइन दाखिल ख़ारिज आवेदन करें” लिंक पर क्लिक करें।
  3. रजिस्ट्रेशन करें: अगर आप एक नए उपयोगकर्ता हैं, तो “Registration” (पंजीकरण) बटन पर क्लिक करें।
  4. विवरण भरें: यहाँ आपको एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म में अपना पूरा विवरण (नाम, पता, ईमेल, मोबाइल) भरना होगा। अपना Email ID और Password ध्यान से चुनें और हमेशा याद रखें, क्योंकि भविष्य में लॉग इन के लिए इन्हीं की ज़रूरत पड़ेगी।
  5. OTP वेरिफिकेशन: “Register Now” पर क्लिक करने के बाद, आपके दिए गए मोबाइल नंबर पर एक OTP (One Time Password) आएगा। इस OTP को वेबसाइट पर डालकर “Verify OTP” पर क्लिक करें। आपका यूज़र रजिस्ट्रेशन पूरा हो जाएगा।

दूसरा चरण: लॉग इन और नया आवेदन शुरू करना

  1. लॉग इन करें: अब आप अपने रजिस्टर्ड Email ID और Password का उपयोग करके पोर्टल पर “Login” करें।
  2. अंचल (Circle) चुनें: लॉग इन करने के बाद, आपको उस जिला (District) और अंचल (Circle) को चुनना होगा, जहाँ आपकी ज़मीन स्थित है। इसके बाद “Apply New Mutation” (नया दाखिल-ख़ारिज आवेदन) बटन पर क्लिक करें।
  3. आवेदन का प्रकार चुनें: अगले पेज पर, “दाखिल-ख़ारिज के प्रकार” में “ON Application” का चयन करें।
  4. म्यूटेशन का प्रकार (Mutation Type) चुनें: इसके बाद, आपको यह चुनना होगा कि यह दाखिल-ख़ारिज किस आधार पर हो रहा है। यह जानकारी आपको अपने दस्तावेज़ (Deed) से मिलेगी। मुख्य प्रकार हैं:
    • Sale/Purchase (खरीद-बिक्री)
    • Succession (उत्तराधिकार/वंशागत)
    • Partition (बँटवारा)
    • Will (वसीयत)
    • Court Order (न्यायालय का आदेश)
  5. ड्राफ्ट सेव करें: सही प्रकार चुनने के बाद, “Save as Draft” बटन पर क्लिक करें।

तीसरा चरण: आवेदन फॉर्म भरना (क्रेता, विक्रेता और ज़मीन का विवरण)

अब आपको कुल तीन मुख्य सेक्शन भरने होंगे:

1. दस्तावेज़ का विवरण (Document Details) सबसे पहले, उस दस्तावेज़ (जैसे- रजिस्ट्री डीड) का विवरण भरें जिसके आधार पर आप म्यूटेशन करा रहे हैं। इसमें रजिस्ट्रेशन डीड नंबर, तारीख, और ज़मीन की राशि जैसी जानकारी भरनी होगी। इसके बाद “Save as draft and next” पर क्लिक करें।

2. क्रेता (Buyer) का विवरण “Buyer Details” सेक्शन में, उस व्यक्ति का पूरा विवरण भरें जिसके नाम पर नई जमाबंदी बननी है (यानि खरीदार या वारिस)।

  • अगर एक से ज़्यादा खरीदार हैं, तो “Add More” बटन का उपयोग करके सभी का नाम और विवरण बारी-बारी से दर्ज करें।

3. विक्रेता (Seller) का विवरण “Seller Details” में, उस व्यक्ति का विवरण भरें जिसके नाम पर अभी जमाबंदी चल रही है (यानि बेचने वाला, जिसके खाते से ज़मीन घटेगी)।

  • यहाँ भी, एक से अधिक विक्रेता होने पर “Add More” का इस्तेमाल करें।

4. ज़मीन का विवरण (Plot Details) यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहाँ आपको अपनी ज़मीन का पूरा विवरण देना होगा:

  • हल्का (पंचायत)
  • मौजा (गाँव)
  • सर्वे थाना
  • खाता नंबर
  • खेसरा नंबर
  • रकबा (क्षेत्रफल)
  • चौहद्दी (ज़मीन की चारों दिशाओं की सीमाएँ)

ध्यान दें: अगर आप एक ही मौजा (गाँव) में एक से ज़्यादा ज़मीन का म्यूटेशन करा रहे हैं, तो “Add More” करके उन्हें इसी आवेदन में जोड़ सकते हैं। लेकिन, अगर ज़मीन अलग-अलग मौजा की है, तो आपको हर मौजा के लिए एक अलग आवेदन जमा करना होगा।

चौथा चरण: दस्तावेज़ अपलोड और फाइनल सबमिशन

  1. विवरण की जाँच करें: यह सुनिश्चित कर लें कि फॉर्म में भरा गया हर विवरण आपके ज़मीन के दस्तावेज़ों से पूरी तरह मेल खाता हो। कोई भी गलती होने पर आवेदन रद्द हो सकता है।
  2. दस्तावेज़ अपलोड करें: “Upload Document” सेक्शन में, अपने मुख्य दस्तावेज़ (जैसे- रजिस्ट्री डीड) की स्कैन की हुई कॉपी अपलोड करें। ध्यान रखें कि फाइल का साइज़ 2 MB से ज़्यादा नहीं होना चाहिए।
  3. फाइनल सबमिट: अंत में, स्क्रीन पर दिख रहा सुरक्षा कोड (Captcha) दर्ज करें, “Term & Condition” को टिक (accept) करें और “Save” (या “Final Submit”) बटन दबाएँ।
  4. पावती रसीद प्रिंट करें: “Save” करते ही आपका आवेदन जमा हो जाएगा। स्क्रीन पर आपको एक केस नंबर (Case No.) मिलेगा और पावती रसीद (Acknowledgement Receipt) प्रिंट करने का विकल्प दिखाई देगा। “Print Receipt” पर क्लिक करके इस रसीद को तुरंत प्रिंट कर लें और भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।

ष्कर्ष: इस पावती रसीद पर दिए गए केस नंबर से आप अपने दाखिल-ख़ारिज आवेदन का स्टेटस ऑनलाइन ट्रैक कर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को सही ढंग से पूरा करने पर, आपकी जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) की जानकारी सफलतापूर्वक अपडेट कर दी जाएगी।

बिहार में अपनी ऑनलाइन जमाबंदी (Online Jamabandi) कैसे देखें? – Jamabandi Bihar

बिहार में अपनी ज़मीन के रिकॉर्ड (Land Records) की जाँच करना अब बहुत आसान हो गया है। आप बिहार सरकार के आधिकारिक भूमि पोर्टल पर जाकर अपनी जमाबंदी पंजी (Jamabandi Panji) को ऑनलाइन देख सकते हैं। यह प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और सरल है।

अगर आप भी अपनी जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) की स्थिति को ऑनलाइन जाँचना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए आसान चरणों का पालन करें।

ऑनलाइन जमाबंदी देखने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

  1. आधिकारिक पोर्टल खोलें: सबसे पहले, अपने कंप्यूटर या मोबाइल ब्राउज़र में बिहार सरकार की भूमि जानकारी वेबसाइट https://land.bihar.gov.in/ खोलें।
  2. सही विकल्प चुनें: होमपेज पर, आपको “जमाबंदी पंजी देखें” (View Online Jamabandi) का एक विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
  3. अपना क्षेत्र चुनें:
    • इसके बाद, आपके सामने बिहार के सभी जिलों (Districts) की एक सूची आएगी। अपने “जिला” पर क्लिक करें।
    • जिला चुनने के बाद, उस जिले के सभी “अंचलों” (Anchal) की सूची आएगी। अपने “अंचल” पर क्लिक करें।
  4. हल्का और मौजा चुनें: अब आपको अपनी ज़मीन के सही स्थान की पहचान करनी होगी। दिए गए ड्रॉप-डाउन मेनू से अपना “हल्का” (Halka) और “मौजा” (Mauja/गाँव) चुनें।
  5. जमाबंदी खोजें (Filter Options):
    • मौजा चुनने के बाद, आपके पास जमाबंदी को खोजने के लिए कई विकल्प होंगे। आप रैयत (मालिक) के “नाम से खोजें” (Search by Name), “जमाबंदी नंबर से खोजें” (Search by Jamabandi No.), खाता नंबर से या खेसरा नंबर से भी खोज सकते हैं।
    • आसान तरीका: यदि आप उस मौजा की सभी जमाबंदी को एक साथ देखना चाहते हैं, तो बस “समस्त पंजी-२ को नाम के अनुसार देखें” वाले बटन पर क्लिक कर दें।
  6. सूची में अपना नाम ढूंढें: आपके चयन के आधार पर, उस मौजा के सभी रैयतों (मालिकों) की एक सूची आपकी स्क्रीन पर आ जाएगी।
  7. जमाबंदी पंजी देखें: इस सूची में अपना या अपने परिवार का नाम ढूंढें और उसके ठीक सामने दिए गए “देखें” (View) बटन पर क्लिक करें।
  8. विवरण देखें: क्लिक करते ही, आपकी पूरी ऑनलाइन जमाबंदी (Online Jamabandi) पंजी आपके सामने खुल जाएगी। इसमें आप अपनी ज़मीन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारी (जैसे- खाता, खेसरा, रकबा, और लगान) देख सकते हैं।

Bhulagan Bihar: अपनी जमाबंदी का ऑनलाइन लगान भुगतान कैसे करें?

बिहार के सभी जमाबंदी रैयतों (ज़मीन मालिकों) के लिए यह एक बड़ी सुविधा है। अब आप अपनी ज़मीन का लगान (टैक्स) घर बैठे ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। यह प्रक्रिया आपकी जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) के रिकॉर्ड को अपडेट रखने के लिए बहुत ज़रूरी है। इसके लिए बिहार सरकार ने www.bhulagan.bihar.gov.in पोर्टल की शुरुआत की है।

आइए, लगान भुगतान की पूरी प्रक्रिया को स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं।

चरण 1: अपनी जमाबंदी खोजें

  1. सबसे पहले, बिहार सरकार के आधिकारिक भू-लगान पोर्टल www.bhulagan.bihar.gov.in को अपने ब्राउज़र में खोलें।
  2. पोर्टल के होमपेज पर, आपको “ऑनलाइन लगान भुगतान” का मेनू दिखाई देगा, उस पर क्लिक करें।
  3. अब आपको अपनी ज़मीन की पहचान करने के लिए कुछ विवरण भरने होंगे, जैसे:
    • जिला
    • अंचल
    • हल्का
    • मौजा
  4. यह जानकारी भरकर, आप अपनी जमाबंदी को खोजें। जब आपकी जमाबंदी सूची में दिखाई दे, तो उसके सामने दिए गए “देखें” बटन पर क्लिक करें।

चरण 2: बकाया लगान (Dues) देखें और भुगतान शुरू करें

  1. “देखें” बटन पर क्लिक करते ही, आपकी जमाबंदी और लगान से जुड़ी सभी सूचनाएं (जैसे- रैयत का नाम, खाता, खेसरा) आपकी कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखने लगेंगी।
  2. अपनी कुल बकाया राशि (Total Due Amount) जानने के लिए, “बकाया देखें” बटन पर क्लिक करें। यहाँ आपको पूरी विवरणी मिल जाएगी कि आपका कितना लगान बाकी है।
  3. बकाया राशि की जाँच करने के बाद, वहीं पर दिए गए “ऑनलाइन भुगतान” बटन पर क्लिक करें।
  4. अगले पेज पर, आपको अपना नाम, मोबाइल नंबर तथा पता दर्ज करना होगा। यह जानकारी भरने के बाद, “भुगतान करें” (Pay Now) बटन पर क्लिक करें।

चरण 3: भुगतान का तरीका चुनें (Payment Method)

“भुगतान करें” पर क्लिक करने के बाद, आपके सामने लगान भरने के लिए दो मुख्य विकल्प दिखाई देंगे:

1. ई-पेमेंट (E-Payment) यह सबसे तेज और आसान तरीका है। इसके तहत आप इन माध्यमों से भुगतान कर सकते हैं:

  • ऑनलाइन नेट बैंकिंग: PNB, IDBI, SBI, UBI, Canara Bank, और Bank of Baroda.
  • डेबिट कार्ड (ATM कार्ड): यह सुविधा वर्तमान में केवल SBI के डेबिट कार्ड के लिए उपलब्ध है।

फायदा: ई-पेमेंट के माध्यम से भुगतान सफल होते ही, आपकी लगान रसीद तुरंत जेनेरेट हो जाएगी। आप इस रसीद को प्रिंट कर सकते हैं या PDF में सेव कर सकते हैं।

2. बैंक काउंटर पर चालान (Payment over the bank counter) यदि आप ऑनलाइन पेमेंट नहीं करना चाहते, तो यह विकल्प चुनें:

  • इस विकल्प को चुनने पर, एक बैंक चालान की प्रति (Copy) जेनेरेट होगी। आपको इसका प्रिंटआउट लेना होगा।
  • इस चालान को लेकर आप अपने नज़दीकी PNB या SBI बैंक की किसी भी शाखा में जाएँ।
  • बैंक काउंटर पर चालान के माध्यम से नकद भुगतान करें।

ध्यान दें: इस प्रक्रिया में रसीद तुरंत नहीं मिलती है। बैंक में भुगतान करने के कुछ दिनों बाद, आप वापस इसी पोर्टल पर अपनी जमाबंदी पंजी पृष्ठ पर जाकर अपनी लगान रसीद डाउनलोड कर सकेंगे।

इस आसान प्रक्रिया का पालन करके, आप अपनी ज़मीन का लगान समय पर जमा कर सकते हैं। यह आपकी जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) के रिकॉर्ड को मज़बूत और अपडेटेड रखता है, जिससे भविष्य में किसी भी परेशानी से बचा जा सकता है।

बिहार में LPC (Land Possession Certificate) के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

बिहार में, LPC (Land Possession Certificate) या भूमि दखल-कब्ज़ा प्रमाण पत्र, आपकी ज़मीन पर आपके मालिकाना हक़ को प्रमाणित करने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है। इसकी ज़रूरत अक्सर बैंक लोन, किसान क्रेडिट कार्ड, या अन्य कानूनी कामों के लिए पड़ती है। बिहार सरकार ने बिहार भूमि (Bihar Bhumi) पोर्टल के माध्यम से इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है।

आवेदन से पहले की सबसे ज़रूरी शर्त

Land Possession Certificate (LPC) के लिए आवेदन करने से पहले, यह अनिवार्य है कि आपने अपनी ज़मीन का अद्यतन लगान (Updated Land Tax) का भुगतान कर दिया हो। यदि आपका लगान बकाया है, तो आप LPC के लिए ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पाएँगे।

पहला चरण: बिहार भूमि पोर्टल (Bihar Bhumi Portal) पर लॉग-इन या रजिस्ट्रेशन

  1. पोर्टल खोलें: सबसे पहले, बिहार भूमि (Bihar Bhumi) की आधिकारिक वेबसाइट https://biharbhumi.bihar.gov.in/Biharbhumi/ को अपने ब्राउज़र में खोलें।
  2. LPC सेक्शन पर जाएँ: होमपेज पर “ऑनलाइन दाखिल-खारिज / LPC आवेदन” वाले लिंक पर क्लिक करें।
  3. लॉग-इन करें:
    • अगर आप नए यूज़र हैं: तो आपको पहले खुद को पंजीकृत (Register) करना होगा। अपनी Email ID और मोबाइल नंबर की मदद से OTP वेरीफाई करके अपनी एक लॉग-इन ID बनाएँ।
    • अगर आप पुराने यूज़र हैं: तो अपनी ID और पासवर्ड का उपयोग करके पोर्टल में लॉग-इन करें।

दूसरा चरण: LPC के लिए आवेदन करना

  1. अंचल चुनें: लॉग-इन करने के बाद, आपको सबसे पहले अपना “अंचल” (Circle) चुनना होगा, जहाँ आपकी ज़मीन स्थित है।
  2. आवेदन शुरू करें: अंचल चुनने के बाद, “Apply for LPC” (LPC के लिए आवेदन करें) बटन पर क्लिक करें।
  3. जमाबंदी का चयन करें: अब आपको अपनी उस जमाबंदी को खोजना होगा, जिसका LPC आप बनवाना चाहते हैं। आप अपनी जमाबंदी को नाम, खाता नंबर, या जमाबंदी नंबर से खोज सकते हैं। अपनी सही जमाबंदी मिलने पर, उसके सामने दिए गए “चयन करें” (Select) बटन पर क्लिक करें।

तीसरा चरण: फॉर्म भरना और फाइनल सबमिट

  1. विवरण की जाँच करें: “चयन करें” पर क्लिक करते ही, आपकी जमाबंदी का पूरा विवरण (जैसे- खाता, खेसरा, रकबा) आपकी स्क्रीन पर दिखाई देगा।
  2. आगे बढ़ें: अब “Proceed for LPC” (LPC के लिए आगे बढ़ें) बटन पर क्लिक करें।
  3. आवेदन फॉर्म भरें: आपके सामने एक छोटा फॉर्म खुलेगा, जिसमें आपको यह जानकारी भरनी होगी:
    • आवेदक का विवरण (Applicant Details)
    • स्व-घोषणा पत्र (Self-Declaration)
    • LPC निर्गत करने का कारण (Reason for issuing LPC) – जैसे: बैंक लोन, KCC, या अन्य।
  4. फाइनल सबमिट: सभी जानकारी सही-सही भरने के बाद, “Final Submit” बटन पर क्लिक करें।

आवेदन के बाद की प्रक्रिया: स्टेटस और डाउनलोड

  1. पावती रसीद (Receipt) प्राप्त करें: आपका आवेदन सफलतापूर्वक दर्ज होते ही, आपको एक आवेदन संख्या (Application Number) मिल जाएगी। आप इस पावती रसीद (Acknowledgement Receipt) को प्रिंट करके अपने पास सुरक्षित रख लें।
  2. आवेदन की स्थिति (Status) देखें: आप कभी भी पोर्टल पर “LPC आवेदन स्थिति” (LPC Application Status) मेनू में जाकर, अपनी आवेदन संख्या की मदद से यह ट्रैक कर सकते हैं कि आपका आवेदन स्वीकृत (Approve) हुआ या नहीं।
  3. LPC डाउनलोड करें: जब आपका आवेदन अंचल कार्यालय द्वारा स्वीकृत (Approve) हो जाता है, तो आप घर बैठे ही अपना भूमि दखल-कब्ज़ा प्रमाण पत्र (LPC) ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। आमतौर पर, स्वीकृति के 10 दिनों के भीतर यह डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाता है।

Parimarjan Portal: अपनी ‘जमाबंदी बिहार’ रिकॉर्ड में ऑनलाइन सुधार कैसे करें?

अगर आपकी जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) के डिजिटल रिकॉर्ड, यानी ‘डिजिटाइज्ड जमाबंदी पंजी’ में कोई गलती (जैसे- नाम, खाता, खेसरा, या रकबा) है, तो आप उसे घर बैठे सुधार सकते हैं। इसके लिए बिहार सरकार ने “परिमार्जन” (Parimarjan) पोर्टल की शुरुआत की है। यह पोर्टल आपकी जमाबंदी में हुई अशुद्धियों को ठीक करने के लिए एक ऑनलाइन शिकायत (Grievance) दर्ज करने की सुविधा देता है।

पहला चरण: शिकायत (Grievance) दर्ज करना

  1. पोर्टल पर जाएँ: सबसे पहले, बिहार भूमि (Bihar Bhumi) के परिमार्जन पोर्टल https://parimarjan.bihar.gov.in/ को अपने ब्राउज़र में खोलें।
  2. शिकायत शुरू करें: होमपेज पर, “अपनी शिकायत पोस्ट करें” (Post your Grievance) बटन पर क्लिक करें।
  3. व्यक्तिगत विवरण भरें: अब, अपना व्यक्तिगत विवरण जैसे- नाम, ई-मेल और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  4. OTP वेरीफाई करें: “Send OTP” बटन पर क्लिक करें। आपके मोबाइल पर एक OTP आएगा। उस OTP को भरकर “Verify OTP” बटन दबाएँ। इसके बाद, अपना पत्राचार का पता (Correspondence Address) भरें।

दूसरा चरण: गलती का विवरण और दस्तावेज़ अपलोड

  1. जमाबंदी की जानकारी दें: “भू-विवरणी” (Land Details) सेक्शन में, आपको उस जमाबंदी का विवरण भरना है जिसमें आप सुधार करवाना चाहते हैं।
  2. शिकायत का विषय चुनें: “परिवाद का विवरण” (Grievance Details) सेक्शन में, ड्रॉप-डाउन मेनू से अपनी शिकायत का सही विषय चुनें (जैसे- नाम में गलती, रकबा में गलती, खाता/खेसरा सुधार आदि)।
  3. दस्तावेज़ अपलोड करें (सबसे महत्वपूर्ण):
    • शिकायत के विषय से संबंधित एक फॉर्म आपको भरना होगा, जिसमें आप अपनी जमाबंदी की सही जानकारी देंगे।
    • इसके साथ, आपको सुझाए गए ज़रूरी कागजात (जैसे- रजिस्ट्री डीड की कॉपी, पुरानी लगान रसीद, शुद्धि पत्र आदि) को स्कैन करना होगा।
    • सभी दस्तावेज़ों की एक सिंगल PDF फाइल बनाएँ और “Choose Document” बटन से उसे अपलोड करें।

तीसरा चरण: सबमिट करें और स्टेटस ट्रैक करें

  1. शिकायत सबमिट करें: सभी जानकारी सही-सही भरने और PDF अपलोड करने के बाद, “Submit” बटन पर क्लिक करें।
  2. पावती संख्या (Acknowledgement No) लें: आपकी शिकायत सफलतापूर्वक दर्ज हो जाएगी और आपको तुरंत एक Acknowledgement No. (पावती संख्या) मिलेगी। इस नंबर को भविष्य के लिए सँभाल कर रखें।
  3. स्टेटस ट्रैक करें: आप अपने आवेदन की स्थिति (Status) को बाद में कभी भी, इसी पोर्टल पर “Track your Grievance” (अपनी शिकायत की स्थिति देखें) मेनू में जाकर, अपने Acknowledgement No. का उपयोग करके, जाँच सकते हैं।

इस प्रक्रिया का पालन करके, आप अपनी जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) के डिजिटल रिकॉर्ड को आसानी से सही करवा सकते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि आपके भूमि दस्तावेज़ हमेशा त्रुटि-मुक्त (error-free) और अपडेटेड रहें।

Bhu Naksha Bihar: अपने गाँव या मौजा का भू-नक्शा ऑनलाइन कैसे देखें?

बिहार में अपनी ज़मीन का नक्शा (Bhu-Naksha) प्राप्त करना अब बेहद आसान हो गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के भू-मानचित्र (Bhu-Manchitra) पोर्टल के माध्यम से, आप अपने गाँव या मौजा का कोई भी नक्शा (Map) घर बैठे देख सकते हैं। यह आपकी ज़मीन की सटीक स्थिति और चौहद्दी को समझने में मदद करता है।

बिहार का भू-नक्शा (Bhu Naksha Bihar) देखने की प्रक्रिया

Jama bandi bihar
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  1. मुख्य पोर्टल पर जाएँ: सबसे पहले, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://bhunaksha.bihar.gov.in/bhunaksha/10/index.jsp को खोलें।
  2. भू-मानचित्र लिंक पर क्लिक करें: होमपेज पर, आपको Bhu-Manchitra (भू-मानचित्र) का एक लिंक दिखाई देगा। इस पर क्लिक करें।
  3. नक्शा पोर्टल खोलें: क्लिक करते ही, भू-मानचित्र देखने का एक नया पोर्टल आपकी स्क्रीन पर खुल जाएगा।
  4. नक्शा खोजें (Search Map): इस नए पोर्टल के मेनू में, “Map” पर जाएँ और “Search and View Map” विकल्प को चुनें।
  5. अपना क्षेत्र चुनें: नक्शा खोजने के लिए, आपको अपनी ज़मीन का विवरण चुनना होगा:
    • Area Type: चुनें कि आपका क्षेत्र ‘Rural’ (ग्रामीण) है या ‘Municipal’ (शहरी)।
    • जिला: अपना जिला चुनें।
    • राजस्व थाना: अपना राजस्व थाना चुनें।
    • राजस्व ग्राम: अपना गाँव या ‘मौजा’ (Mauja) चुनें।
    • सभी जानकारी भरने के बाद, “Search” (खोजें) बटन पर क्लिक करें।
  6. मैप शीट चुनें: सर्च करने के बाद, उस गाँव के लिए उपलब्ध सभी नक्शों की एक सूची दिखाई देगी। इसमें आपको तीन प्रकार के मैप मिल सकते हैं:
    • कैडेस्ट्रल मैप (Cadastral Map)
    • रिविजनल मैप (Revisional Map)
    • चकबंदी मैप (Chakbandi Map)
  7. नक्शा देखें:
    • आप जिस भी मैप को देखना चाहते हैं, उसके सामने दिए गए “Sheet No” (शीट नंबर) पर क्लिक करें।
    • क्लिक करते ही संबंधित मैप शीट आपकी स्क्रीन पर खुल जाएगी।
  8. मैप न दिखने पर: यदि मैप शीट पर नक्शा दिखाई नहीं दे रहा है, तो बस “View” (देखें) बटन पर क्लिक करें, नक्शा लोड हो जाएगा।
  9. ज़ूम इन / ज़ूम आउट: आप “Zoom In” (+) और “Zoom Out” (-) बटन का उपयोग करके नक्शे को बड़ा या छोटा करके स्पष्ट रूप से देख सकते हैं।

जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. जमाबंदी पंजी क्या है?

जमाबंदी पंजी (जिसे आम भाषा में ‘जमाबंदी’ भी कहते हैं) एक बहुत ही महत्वपूर्ण भूमि रिकॉर्ड या रजिस्टर होता है। यह जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) के भूमि रिकॉर्ड का मुख्य आधार है।

इस रजिस्टर में किसी रैयत (ज़मीन के मालिक/किरायेदार) से जुड़ी सभी ज़रूरी जानकारी दर्ज होती है, जैसे:

  • रैयत का नाम और पता
  • ज़मीन का खाता संख्या, खेसरा संख्या, और कुल रकबा (क्षेत्रफल)
  • ज़मीन की चौहद्दी (सीमाएँ)
  • तय किया गया भू-लगान (Land Revenue)
  • जमा किए गए लगान की रसीद और तारीख

जमाबंदी पंजी को राजस्व ग्रामवार (गाँव के हिसाब से) तैयार किया जाता है। इसमें ज़मीन के मालिकाना हक़ का आधार (जैसे- खरीद, उत्तराधिकार, या हस्तांतरण) भी दर्ज किया जाता है।

2. जमाबंदी पंजी कब और कैसे बनाई गई?

जमाबंदी पंजी का इतिहास देश की आज़ादी के साथ जुड़ा है:

  • 1947 में आज़ादी के बाद, भारत में ज़मींदारी प्रथा को समाप्त कर दिया गया।
  • इसके बाद 1950 में बिहार भूमि (Bihar Bhumi) सुधार अधिनियम लागू हुआ।
  • 1952 में भू-लगान वसूलने के लिए अंचल कार्यालयों (Circle Offices) का गठन किया गया।
  • शुरुआत में, भू-लगान वसूली के उद्देश्य से ही जमाबंदी पंजी बनाई गई।
  • इस पंजी में पहली एंट्री मूल खतियान (Record of Rights) और ज़मींदारी रिटर्न के आधार पर की गई।
  • तब से लेकर आज तक, दाखिल-खारिज (Mutation) की प्रक्रिया के माध्यम से ही इन जमाबंदियों को अपडेट किया जाता है और नई जमाबंदी बनाई जाती है।

3. हम अपनी जमाबंदी पंजी ऑनलाइन कैसे देख सकते हैं?

पहले (वर्ष 2017-18 तक) जमाबंदी पंजी सिर्फ राजस्व कर्मचारी के पास ही उपलब्ध होती थी, जिससे आम लोगों के लिए इसे देखना मुश्किल था।

लेकिन, 2017-18 में इन सभी जमाबंदी पंजियों को डिजिटाइज़ कर दिया गया। अब कोई भी रैयत बिहार सरकार के आधिकारिक भूमि पोर्टल https://biharbhumi.bihar.gov.in/ (Jamabandi Bihar) पर जाकर अपनी जमाबंदी को आसानी से ऑनलाइन देख सकता है।

4. क्या ऑनलाइन जमाबंदी एक बार चढ़ने के बाद बदलती नहीं (Static) है? इसे अपडेट कैसे किया जाता है?

नहीं, यह Static डाटा नहीं है; यह लगातार अपडेट होता रहता है।

2017-18 में जमाबंदी को डिजिटाइज़ करने के साथ ही, दाखिल-खारिज (Mutation) की पूरी प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया गया। अब, जैसे ही कोई ऑनलाइन दाखिल-खारिज का केस पास (निष्पादित) होता है, यह अपने-आप (automatically) अपडेट हो जाता है।

पुराने जमाबंदी रैयत (विक्रेता) के नाम से ज़मीन का रकबा अपने-आप खारिज हो जाता है और नए रैयत (खरीदार) के नाम पर एक नई जमाबंदी तुरंत बन जाती है।

5. ऑनलाइन जमाबंदी देखने की पूरी प्रक्रिया क्या है?

  1. सबसे पहले https://biharbhumi.bihar.gov.in/ वेबसाइट खोलें और जमाबंदी पंजी देखें लिंक पर क्लिक करें।
  2. अपना जिला और अंचल चुनें और “Proceed” बटन दबाएँ।
  3. इसके बाद, अपना मौजा (गाँव) चुनें।
  4. अब आप कई तरीकों से अपनी जमाबंदी खोज सकते हैं, जैसे:
    • रैयत के नाम से
    • खाता संख्या से
    • खेसरा संख्या से
    • जमाबंदी संख्या से
  5. सही विकल्प चुनकर विवरण भरें और “Search” बटन पर क्लिक करें। (आप “समस्त जमाबंदी” विकल्प से पूरे मौजा की लिस्ट भी देख सकते हैं।)
  6. आपकी खोजी गई जमाबंदी लिस्ट में दिखाई देगी। उसके सामने दिए गए “View” (आँख ‘👁’ का निशान) पर क्लिक करें।
  7. क्लिक करते ही, आपकी जमाबंदी से जुड़े सभी विवरण आपकी स्क्रीन पर आ जाएँगे।

6. मेरी जमाबंदी ऑनलाइन दिख रही है, लेकिन उसमें कुछ गलतियाँ (अशुद्धियाँ) हैं। इसे कैसे ठीक कराएँ?

अगर आपकी ऑनलाइन जमाबंदी में कोई त्रुटि है, तो आप उसे बिहार सरकार के परिमार्जन प्लस” (Parimarjan Plus) पोर्टल (https://parimarjanplus.bihar.gov.in/) पर जाकर सुधार के लिए आवेदन कर सकते हैं।

गलतियाँ कई तरह की हो सकती हैं:

  • पुरानी जमाबंदी में गलती: जैसे- रैयत का नाम, पिता का नाम, जाति, पता, खाता, खेसरा, या रकबा में कोई त्रुटि।
  • ऑनलाइन दाखिल-खारिज के बाद बनी जमाबंदी में गलती: जैसे- क्रेता/विक्रेता के नाम में, लगान राशि में, या चौहद्दी में कोई गलती।

इन ज़्यादातर सुधारों के लिए आप “परिमार्जन प्लस” पर साक्ष्य (दस्तावेज़) के साथ ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। अंचल अधिकारी जाँच के बाद इसमें सुधार करेंगे।

ध्यान दें: अगर आपकी जमाबंदी गलत मौजा (गाँव) में चढ़ गई है, तो इसके सुधार के लिए आपको “परिमार्जन प्लस” पर नहीं, बल्कि सीधे अंचलाधिकारी (CO) के ऑफिस में ऑफलाइन आवेदन देना होगा।

7. मेरी जमाबंदी पुरानी है और मैं रसीद भी कटाता रहा हूँ, लेकिन यह ऑनलाइन नहीं दिख रही है, क्या करूँ?

अगर आपकी जमाबंदी 2017-18 से पहले की है और ऑनलाइन नहीं दिख रही है, तो इसका मतलब है कि वह डिजिटाइज़ेशन के दौरान कंप्यूटर पर चढ़ने से छूट गई है।

ऐसी “छूटी हुई जमाबंदी” को ऑनलाइन चढ़वाने के लिए, आपको “परिमार्जन प्लस” (Parimarjan Plus) पोर्टल पर ही आवेदन करना होगा।

आपको अपनी पुरानी लगान रसीद या अन्य मज़बूत साक्ष्य (सबूत) के साथ आवेदन करना होगा। अंचलाधिकारी द्वारा जाँच किए जाने के बाद आपकी जमाबंदी को ऑनलाइन कर दिया जाएगा।

दाखिल-खारिज (Mutation) से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. दाखिल-खारिज (Mutation) क्या है?

दाखिल-खारिज (Mutation) एक कानूनी प्रक्रिया है। जब भी कोई ज़मीन खरीदी या बेची जाती है, या उसका मालिकाना हक़ (स्वामित्व) किसी भी कारण से बदलता है (जैसे- विरासत, बंटवारा, या दान), तो इस बदलाव को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कराना अनिवार्य होता है।

इसी प्रक्रिया को ‘दाखिल-खारिज’ कहते हैं। यह आपकी जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) पंजी को अपडेट करने का एकमात्र आधिकारिक तरीका है, जिससे ज़मीन नए मालिक के नाम पर दर्ज होती है।

2. दाखिल-खारिज के लिए कानूनी आधार क्या है?

दाखिल-खारिज की पूरी प्रक्रिया बिहार भूमि (Bihar Bhumi) दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 और बिहार भूमि (Bihar Bhumi) दाखिल-खारिज नियमावली, 2012 के तहत की जाती है। समय-समय पर होने वाले संशोधनों और जारी होने वाले परिपत्रों (Circulars) का भी पालन किया जाता है।

3. इस कानून (अधिनियम, 2011) का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस कानून का मुख्य उद्देश्य दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है, ताकि ज़मीन के मालिकाना हक़ में होने वाले बदलावों को सरकारी रिकॉर्ड में तेज़ी से और सही-सही दर्ज किया जा सके।

4. दाखिल-खारिज के लिए कौन से दस्तावेज़ों की ज़रूरत होती है?

जब आप किसी ज़मीन का अधिकार (हक़) प्राप्त करते हैं, तो आपको 90 दिनों के भीतर दाखिल-खारिज के लिए आवेदन करना होता है। आपको ज़मीन मिलने के आधार पर निम्नलिखित दस्तावेज़ों की ज़रूरत पड़ेगी:

  • खरीद-बिक्री (Sale/Purchase) या दान (Gift): रजिस्ट्री किया हुआ दस्तावेज़ (निबंधित डीड / दर केवला)।
  • विनिमय (Exchange): रजिस्ट्री किया हुआ विनिमय पत्र (Exchange Deed)।
  • बंटवारा (Partition):
    • कोर्ट द्वारा पारित बंटवारे का आदेश, या
    • रजिस्टर्ड बंटवारा दस्तावेज़ (Registered Partition Deed), या
    • सभी हिस्सेदारों के हस्ताक्षर वाला आपसी बंटवारा दस्तावेज़।
  • विरासत (Inheritance): मृत्यु प्रमाण पत्र और वंशावली (Vanshawali)।
  • वसीयत (Will): कोर्ट से मिला प्रोबेट (Probate) आदेश और वसीयत की कॉपी।
  • कोर्ट का आदेश: ज़मीन के स्वत्व (Title) से संबंधित कोर्ट के आदेश या डिक्री की कॉपी।
  • सरकारी बंदोबस्ती: सक्षम अधिकारी द्वारा जारी किया गया पर्चा (जैसे- वासगीत पर्चा, भूदान पर्चा, अधिशेष भूमि पर्चा आदि)।

5. अगर 90 दिनों के अंदर आवेदन नहीं कर पाए तो क्या होगा?

अगर आप 90 दिनों के भीतर आवेदन नहीं कर पाते हैं, तब भी आप आवेदन कर सकते हैं। लेकिन, आपको अपने आवेदन के साथ “विलंब माफी याचिका” (Delay Condonation Petition) भी लगानी होगी। अंचल अधिकारी (CO) आपकी याचिका के आधार पर इस पर निर्णय लेंगे।

6. क्या इन दस्तावेज़ों के अलावा भी कुछ और कागज़ात चाहिए?

  • अगर आपने ज़मीन सीधे जमाबंदी रैयत (जिसके नाम पर जमाबंदी है) से खरीदी है, तो ऊपर दिए गए दस्तावेज़ों के अलावा किसी और कागज़ की ज़रूरत नहीं है।
  • लेकिन, अगर आपने ज़मीन जमाबंदी रैयत के अलावा किसी और व्यक्ति (जैसे- उसके बेटे, पोते या किसी हिस्सेदार) से खरीदी है, तो आपको मुख्य दस्तावेज़ के साथ वंशावली, विक्रेता का जमाबंदी रैयत से संबंध साबित करने वाला साक्ष्य, और ज़मीन के अन्य सभी हिस्सेदारों से सहमति पत्र (NOC) संलग्न करना होगा।

7. दाखिल-खारिज आवेदन में सबसे ज़रूरी बात क्या है?

सबसे ज़रूरी बात यह है कि आप दाखिल-खारिज का आवेदन हमेशा अपने खुद के लॉग-इन (Mobile No./Email ID) से करें। किसी साइबर कैफ़े वाले या तीसरे पक्ष के लॉग-इन से आवेदन न करें। ऐसा करने से, आपके आवेदन की हर अपडेट (जैसे- नोटिस, कोई कमी, या आपत्ति) की सूचना सीधे आपको अपने मोबाइल पर मिलती रहेगी और आप समय पर कार्रवाई कर सकेंगे।

8. दाखिल-खारिज के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

बिहार में दाखिल-खारिज का आवेदन सिर्फ ऑनलाइन होता है। इसकी प्रक्रिया है:

  1. biharbhumi.bihar.gov.in (Jamabandi Bihar) पर जाएँ और ऑनलाइन दाखिल-खारिज आवेदन करें पर क्लिक करें।
  2. अपने मोबाइल नंबर से लॉग इन करें (अगर नए यूज़र हैं तो पहले रजिस्ट्रेशन करें)।
  3. अपना जिला और अंचल चुनें और “नया दाखिल-खारिज आवेदन करें” पर क्लिक करें।
  4. फॉर्म में सभी विवरण (आवेदक, क्रेता, विक्रेता, ज़मीन का खाता-खेसरा) भरें।
  5. संबंधित सभी साक्ष्य (जैसे- डीड की PDF) अपलोड करें।
  6. अंत में, क्रेता के मोबाइल पर आए OTP से इसे सत्यापित (Verify) करें और “Final Submit” करें।
  7. आपको एक टोकन नंबर वाली पावती (रसीद) मिलेगी, इसे सँभाल कर रखें।

9. आवेदन कौन कर सकता है?

जिस व्यक्ति ने ज़मीन का स्वामित्व (मालिकाना हक़) प्राप्त किया है, वह स्वयं या किसी सेवा प्रदाता (जैसे- साइबर कैफ़े) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करा सकता है।

10. ऑनलाइन आवेदन के लिए दस्तावेज़ों के अलावा और क्या ज़रूरी है?

दाखिल-खारिज आवेदन के लिए यह अनिवार्य है कि “विक्रेता” (जिससे आपने ज़मीन खरीदी है) की जमाबंदी ऑनलाइन हो। साथ ही, उस ऑनलाइन जमाबंदी में वह खाता, खेसरा और उतना रकबा (Area) मौजूद होना चाहिए, जितना आप अपने नाम करा रहे हैं।

11. ज़मीन खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखूँ, ताकि दाखिल-खारिज में दिक्कत न हो?

राजस्व विभाग की सलाह है कि ज़मीन हमेशा जमाबंदी रैयत से ही खरीदें। ज़मीन खरीदने से पहले, Bihar Bhumi पोर्टल पर यह ज़रूर जाँच लें कि:

  1. विक्रेता की जमाबंदी ऑनलाइन है या नहीं।
  2. उस जमाबंदी में वह खाता, खेसरा और पूरा रकबा (Area) दर्ज है या नहीं, जिसे आप खरीद रहे हैं।

12. मैंने ज़मीन जमाबंदी रैयत से नहीं, बल्कि उसके किसी वंशज/हिस्सेदार से खरीदी है। अब क्या करूँ?

आप आवेदन कर सकते हैं, लेकिन आपको अपने आवेदन के साथ ज़मीन के सभी हिस्सेदारों का लिखित सहमति पत्र (NOC) भी अपलोड करना होगा।

13. मैंने ज़मीन खरीद ली, पर अब पता चला कि विक्रेता की जमाबंदी ऑनलाइन नहीं है (या गलत है)। मैं दाखिल-खारिज कैसे कराऊँ?

ऐसी स्थिति में, आप सीधे दाखिल-खारिज का आवेदन नहीं कर सकते।

पहले आपको (या विक्रेता को) “परिमार्जन प्लस” (Parimarjan Plus) पोर्टल के माध्यम से विक्रेता की जमाबंदी को ऑनलाइन चढ़वाने या उसमें सुधार करवाने के लिए आवेदन करना होगा। जब विक्रेता की जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) रिकॉर्ड में सब कुछ सही (Online) हो जाए, उसके बाद ही आप अपनी ज़मीन के दाखिल-खारिज के लिए आवेदन करें।

14. मेरे रजिस्ट्री दस्तावेज़ में ‘मिलजुमले रकबा’ (कई खेसरों का जुड़ा हुआ रकबा) लिखा है। क्या इसका दाखिल-खारिज होगा?

नहीं, बिलकुल नहीं। मिलजुमले रकबा (Consolidated Area) का दाखिल-खारिज संभव नहीं है।

अगर आपके पास ऐसा कोई पुराना दस्तावेज़ है, तो पहले आपको emapi पोर्टल के माध्यम से अंचल अमीन से ज़मीन की मापी (Measurement) करानी होगी। मापी के बाद, जब हर खेसरा का अलग-अलग रकबा स्पष्ट हो जाएगा, उसके बाद ही आप दाखिल-खारिज के लिए आवेदन कर सकते हैं।

15. विक्रेता की जमाबंदी में ही ‘मिलजुमले रकबा’ दिख रहा है, जिससे मैं आवेदन नहीं कर पा रहा हूँ। क्या करें?

विक्रेता/पूर्व जमाबंदी रैयत को “परिमार्जन प्लस” पोर्टल पर आवेदन करके, अपने दस्तावेज़ों के आधार पर सभी खेसरों का रकबा अलग-अलग चढ़वाना होगा।

16. अंचल ऑफिस ने मुझसे अतिरिक्त साक्ष्य (Proof) माँगा है। मैं उसे कैसे जमा करूँ?

अगर आपके आवेदन में कोई कमी है और अतिरिक्त दस्तावेज़ माँगा गया है, तो आप अपने उसी लॉग-इन (जिससे आवेदन किया था) में जाकर, उस वाद (Case) के विरुद्ध मांगे गए दस्तावेज़ को ऑनलाइन अपलोड कर सकते हैं।

17. दाखिल-खारिज में कितना समय लगता है?

  • बिना आपत्ति वाले मामले: आवेदन मिलने के 35 कार्य दिवसों (Working Days) के भीतर।
  • आपत्ति वाले मामले: यदि कोई आपत्ति दर्ज होती है, तो दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद 75 कार्य दिवसों के भीतर निपटारा किया जाएगा।

18. दाखिल-खारिज के लिए कितना शुल्क (Fee) लगता है?

दाखिल-खारिज की पूरी प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है।

19. दाखिल-खारिज की पूरी प्रक्रिया (Process) क्या है?

  1. आवेदन की जाँच (Scrutiny): आप “Final Submit” करते हैं। CO आपके आवेदन की जाँच करते हैं। सब सही होने पर, इसे ‘स्वीकार’ (Accept) किया जाता है और एक ‘वाद संख्या’ (Case Number) मिलती है।
  2. रिपोर्ट (Reporting): आवेदन राजस्व कर्मचारी (Karmachari) के पास जाता है, जो जाँच कर अपनी रिपोर्ट (CI रिपोर्ट) देते हैं। फिर यह राजस्व अधिकारी (RO) के पास जाता है, जो जाँच कर इसे अंचलाधिकारी (CO) को भेजते हैं।
  3. आम सूचना (Public Notice): CO एक आम सूचना जारी करते हैं और आपत्ति (Objection) दर्ज करने के लिए 14 दिनों का समय देते हैं।
  4. सुनवाई (Hearing): अगर कोई आपत्ति आती है, तो CO दोनों पक्षों (आवेदक और आपत्तिकर्ता) को सुनकर फैसला करते हैं।
  5. आदेश (Order): कोई आपत्ति न आने पर (या आपत्ति ख़ारिज होने पर), CO दाखिल-खारिज को ‘स्वीकृत’ (Approve) करने का आदेश देते हैं।
  6. शुद्धि पत्र (Correction Slip) जारी होना: CO द्वारा ‘शुद्धि पत्र’ जारी करते ही, आपकी जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) रिकॉर्ड अपडेट हो जाता है। विक्रेता के नाम से रकबा कटकर आपके (क्रेता) के नाम पर दर्ज हो जाता है और प्रक्रिया पूरी हो जाती है।

20. मुझे ‘टोकन नंबर’ मिला है, उसका स्टेटस कैसे देखूँ?

आप biharbhumi.bihar.gov.in पोर्टल पर “Mutation Defect Check Status” मेनू में जाकर अपना टोकन नंबर डालकर स्थिति देख सकते हैं। (यह जाँचने के लिए कि आवेदन Accept हुआ या Reject)।

21. मेरा आवेदन ‘त्रुटि सुधार हेतु वापस’ (Sent back for Correction) दिखा रहा है। इसे कैसे ठीक करूँ?

अगर जाँच (Scrutiny) में आपके आवेदन में कोई कमी (जैसे- दस्तावेज़ साफ़ न होना) पाई जाती है, तो उसे आपके लॉग-इन में वापस भेज दिया जाता है। आप अपने लॉग-इन में “Application Scrutiny Status” में जाकर, कमी को दूर करके (जैसे- सही दस्तावेज़ अपलोड करके) आवेदन को पुनः जमा (Resubmit) कर सकते हैं।

22. मेरे भाई ने पुस्तैनी ज़मीन का बंटवारा किए बिना अपना हिस्सा बेच दिया है। अब मैं क्या करूँ?

सिर्फ ज़मीन बेचने से नाम नहीं चढ़ता। क्रेता (खरीदार) को दाखिल-खारिज के लिए ऑनलाइन आवेदन करना ही होगा। जैसे ही वह आवेदन करे, आप उस वाद (Case) के विरुद्ध आपत्ति (Objection) दर्ज करें। CO के सामने सुनवाई में अपना पक्ष रखें कि बंटवारा नहीं हुआ है। अगर आपकी आपत्ति सही पाई गई, तो CO उस दाखिल-खारिज आवेदन को रद्द (Reject) कर देंगे।

23. दाखिल-खारिज केस के खिलाफ आपत्ति (Objection) कैसे दर्ज करें?

यह बहुत आसान है। Bihar Bhumi पोर्टल पर लॉग इन करें, दाखिल-खारिज वाद पर आपत्ति दर्ज करें पर क्लिक करें, वाद (Case) को खोजें, अपनी आपत्ति का कारण लिखें, सबूत अपलोड करें और सबमिट कर दें।

24. क्या मैं अपनी ज़मीन को ‘लॉक’ करा सकता हूँ, ताकि कोई उसे बेच न सके?

नहीं, नियम के अनुसार, किसी भी जमाबंदी को दाखिल-खारिज के लिए ‘लॉक’ करने का कोई प्रावधान नहीं है। लेकिन, आप धोखाधड़ी से बचने के लिए अगला कदम उठा सकते हैं।

25. क्या मुझे मेरी जमाबंदी में होने वाले किसी भी बदलाव (Transaction) की सूचना मिल सकती है?

हाँ, बिलकुल। इसके लिए आपको अपनी जमाबंदी/खेसरा पर SMS Alert सुविधा को एक्टिवेट करना होगा।

26. यह “SMS Alert सुविधा” क्या है?

यह जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) पोर्टल की एक बेहतरीन सुविधा है। आप अपनी ज़मीन के किसी भी खेसरा या पूरी जमाबंदी के लिए SMS Alert सेवा चुन सकते हैं। इसे एक्टिवेट करने के बाद, जब भी कोई व्यक्ति उस खेसरा/जमाबंदी से छेड़छाड़ करने (जैसे- दाखिल-खारिज) की कोशिश करेगा, तो आपको तुरंत अपने मोबाइल पर एक SMS आ जाएगा। इससे आप फ़र्ज़ीवाड़े से बच सकते हैं और समय पर आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।

27. मेरे दाखिल-खारिज केस का स्टेटस (Application Status) क्या है, यह कैसे देखूँ?

आप Bihar Bhumi पोर्टल पर दाखिल-खारिज आवेदन स्थिति देखें पर क्लिक करें। अपना जिला, अंचल और वाद संख्या (Case Number) डालकर आप अपने केस का पूरा स्टेटस देख सकते हैं (कि वह अभी कर्मचारी, RO या CO में से किसके पास लंबित है)।

28. मैंने आपत्ति दर्ज की थी। मुझे सुनवाई (Hearing) के लिए कैसे सूचित किया जाएगा?

सुनवाई की तारीख तय होने पर, आपको SMS के माध्यम से सूचना दी जाती है। साथ ही, भौतिक सूचना (Physical Notice) का तामिला (Service) भी कराया जाता है।

29. CO ने मेरी आपत्ति को नज़रअंदाज़ कर दिया और दाखिल-खारिज को मंज़ूर (Approve) कर दिया। अब मेरे पास क्या रास्ता है?

अगर आप अंचलाधिकारी (CO) के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप उस आदेश के 30 दिनों के भीतर भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) के पास अपील (Appeal) दायर कर सकते हैं।

30. अगर अपील करने में 30 दिन से ज़्यादा की देरी हो जाए तो?

अगर 30 दिनों के बाद अपील दायर कर रहे हैं, तो आपको अपील के साथ एक “विलंब माफी याचिका” (Delay Condonation Petition) भी लगानी होगी, जिस पर DCLR निर्णय लेंगे।

31. अगर मैं DCLR के फैसले से भी संतुष्ट नहीं हूँ, तो कहाँ जाऊँ?

अगर आप DCLR के आदेश से भी संतुष्ट नहीं हैं, तो आप समाहर्ता (Collector) / अपर समाहर्ता (ADC) के न्यायालय में पुनरीक्षण वाद (Revision) दायर कर सकते हैं। इसके बाद भी अगर आप संतुष्ट नहीं हैं, तो आप बिहार भूमि न्यायाधिकरण (Bihar Bhumi Tribunal) या सिविल कोर्ट में अपना वाद दायर कर सकते हैं।

32. मेरा दाखिल-खारिज केस पूरा हो गया है। मुझे अपने केस के कागज़ात (सत्यापित प्रति) कहाँ से मिलेंगे?

दाखिल-खारिज का केस पूरा (निष्पादित) होने के बाद, आप उस वाद (Case) अभिलेख की सत्यापित प्रति (Certified Copy) https://bhuabhilekh.bihar.gov.in/ पोर्टल से ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।

eMapi Bihar: ज़मीन की मापी (Bhu-Mapi) से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

e mapi bihar bhumi
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1. क्या बिहार में अपनी रैयती (निजी) ज़मीन की सरकारी मापी (Measurement) करा सकते हैं?

बिल्कुल। बिहार काश्तकारी (संशोधन) अधिनियम, 2017 की धारा 118 के तहत, रैयतों (ज़मीन मालिकों) को अपनी निजी ज़मीन की आधिकारिक मापी कराने का प्रावधान दिया गया है।

2. ज़मीन की मापी (Bhu-Mapi) के लिए ऑनलाइन आवेदन (Apply) कैसे करें?

बिहार में ज़मीन की मापी की पूरी प्रक्रिया अब eMapi (ई-मापी) पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन कर दी गई है। आवेदन करने की प्रक्रिया इस प्रकार है:

सबसे पहले https://emapi.bihar.gov.in/ वेबसाइट खोलें और “Apply for Mapi” पर क्लिक करें।

अपने मोबाइल नंबर से लॉग इन करें (अगर आप नए यूज़र हैं, तो पहले रजिस्ट्रेशन करें)।

लॉग इन करने के बाद, अपना जिला और अंचल चुनें और “Proceed” करें।

इसके बाद, अपनी जमाबंदी बिहार (Jamabandi Bihar) का हल्का, मौजा, भाग संख्या और पृष्ठ संख्या भरकर “Get Reg-2” (जमाबंदी देखें) पर क्लिक करें।

आपकी जमाबंदी का विवरण (Details) स्क्रीन पर आ जाएगा। अब आप जिस ज़मीन की मापी कराना चाहते हैं, उसका खाता, खेसरा, और रकबा (Area) चुनें।

अगले पेज पर, आवेदक के रूप में अपना पूरा विवरण (नाम, पता आदि) भरें।

इसके बाद, अपनी ज़मीन के चौहद्दीदारों (आस-पास की ज़मीन के मालिकों) का विवरण भरें।

(वैकल्पिक) यदि आप मापी के समय किसी और व्यक्ति (जैसे- गवाह) को उपस्थित रखना चाहते हैं, तो आप उसका विवरण भी दे सकते हैं।

आपसे कुछ ज़रूरी सवाल पूछे जाएँगे, उनके जवाब दें और संबंधित साक्ष्य (जैसे- जमाबंदी या डीड की कॉपी) की एक PDF फाइल अपलोड करें।

अंत में, “Self Declaration” (स्व-घोषणा) को Accept करें और आवेदन “Submit” करें।

आपको एक आवेदन संख्या (Application Number) मिल जाएगी और आपका आवेदन अंचलाधिकारी (CO) के पास जमा हो जाएगा।

3. मेरा मापी आवेदन भरते समय अधूरा रह गया था, क्या मुझे फिर से पूरा फॉर्म भरना होगा?

नहीं। अगर आपका आवेदन किसी कारणवश अधूरा रह गया था, तो वह डिलीट नहीं होता है। आप अपने लॉग-इन में “Application Status” (आवेदन की स्थिति) मेनू के अंदर “Incomplete Forms” (अधूरे फॉर्म) सेक्शन में जाकर, उस आवेदन को वहीं से पूरा करके जमा कर सकते हैं।

4. आवेदन जमा (Submit) करने के बाद क्या होगा?

आवेदन जमा करने के बाद, आपका आवेदन अंचलाधिकारी (CO) के पास जाँच के लिए जाएगा। अगर आपका आवेदन मापी के लिए उपयुक्त पाया जाता है, तो CO आपको मापी फीस (Fee) जमा करने के लिए सूचित करेंगे। यह सूचना आपको अपने लॉग-इन के “Application Status” में “Pending Payment” (लंबित भुगतान) मेनू में दिखाई देगी।

5. ज़मीन मापी के लिए सरकारी शुल्क (Fee) कितना है?

मापी का शुल्क ज़मीन के क्षेत्र पर निर्भर करता है:

  • शहरी क्षेत्र (Urban): नगर निगम, नगर परिषद या नगर पंचायत में ₹1000/- (एक हज़ार रुपये) प्रति खेसरा।
  • ग्रामीण क्षेत्र (Rural): ₹500/- (पांच सौ रुपये) प्रति खेसरा।

यह शुल्क आपको ऑनलाइन ही जमा करना होगा।

6. मुझे बहुत जल्दी (Urgent) मापी करानी है, क्या कोई व्यवस्था है?

हाँ, इसके लिए “तत्काल मापी” (Tatkal Mapi) की सुविधा उपलब्ध है। तत्काल मापी का शुल्क सामान्य शुल्क से दोगुना होता है:

  • शहरी क्षेत्र (Urban): ₹2000/- (दो हज़ार रुपये) प्रति खेसरा।
  • ग्रामीण क्षेत्र (Rural): ₹1000/- (एक हज़ार रुपये) प्रति खेसरा।

7. मेरे खाते से पैसा कट गया, लेकिन पोर्टल पर पेमेंट अभी भी ‘Pending’ (बकाया) दिखा रहा है। क्या करूँ?

अगर आपके खाते से पैसे कट गए हैं, तो आपको दोबारा भुगतान करने की ज़रूरत नहीं है। आप अपने लॉग-इन में “भुगतान सत्यापन” (Payment Verification) मेनू में जाकर अपने पिछले पेमेंट का स्टेटस (Transaction Status) जाँच सकते हैं।

8. फीस जमा करने के बाद, मापी की तारीख (Date) कैसे तय होती है?

फीस का भुगतान करने के बाद, पोर्टल आपको मापी के लिए 3 संभावित तारीखें (Potential Dates) चुनने का विकल्प देगा। अगर आपके द्वारा चुनी गई तारीखों पर अंचल अमीन (Anchal Amin) उपलब्ध होते हैं, तो CO उन्हीं में से कोई एक तारीख तय कर देंगे। यदि अमीन उपलब्ध नहीं होते, तो उनकी उपलब्धता के आधार पर कोई दूसरी तारीख तय की जाएगी।

9. क्या मैं खुद देख सकता हूँ कि अंचल अमीन कब उपलब्ध हैं?

हाँ, आप भू-मापी पोर्टल (eMapi Portal) पर अपने लॉग-इन में “अमीन उपलब्धता” (Amin Availability) मेनू में जाकर यह जाँच सकते हैं।

10. मुझे मापी की पक्की तारीख (Final Date) और अमीन की जानकारी कैसे मिलेगी?

जैसे ही अंचलाधिकारी (CO) मापी की तारीख और अमीन को निर्धारित (Finalize) करेंगे, आपको इसकी सूचना SMS के माध्यम से और eMapi पोर्टल पर दे दी जाएगी।

11. क्या अमीन मुझे मापी करने के बाद, मौके पर ही मापी रिपोर्ट दे देंगे?

नहीं। मापी पूरी होने के बाद, अंचल अमीन अपनी मापी रिपोर्ट (Measurement Report) को ऑनलाइन माध्यम से अंचलाधिकारी (CO) के पास जमा करते हैं। CO की स्वीकृति (Approval) के बाद, वह मापी रिपोर्ट आपको पोर्टल पर ऑनलाइन ही उपलब्ध करा दी जाती है।

12. मुझे मापी रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति (Certified Copy) कहाँ से मिलेगी?

मापी रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति (Certified Copy) आप भू-अभिलेख पोर्टल (Bhu-Abhilekh Portal) से ऑनलाइन प्राप्त कर सकते हैं।

13. अगर मैं अंचल अमीन की मापी से संतुष्ट नहीं हूँ, तो क्या कर सकता हूँ?

यदि आप अंचल अमीन द्वारा की गई मापी से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप इस फैसले के खिलाफ भूमि सुधार उपसमाहर्ता (DCLR) के न्यायालय में मापी अपील (Mapi Appeal) दायर कर सकते हैं।

14. मापी अपील (Mapi Appeal) दायर करने की प्रक्रिया क्या है?

  1. biharbhumi.bihar.gov.in पोर्टल पर जाएँ और eMapi पर क्लिक करें।
  2. अपने मोबाइल नंबर से लॉग इन करें और “अपील” (Appeal) मेनू में “Apply Appeal” पर क्लिक करें।
  3. जिस मापी के खिलाफ आप अपील करना चाहते हैं, उसका Temporary Number (जो आपको मूल आवेदन से मिला था) डालकर “Search” करें।
  4. आपको अपने पुराने मापी आवेदन का पूरा विवरण और मापी रिपोर्ट दिखाई देगी।
  5. आप जिस खेसरा की मापी से असंतुष्ट हैं, उसे चुनें। अपना विवरण (नाम, पता) भरें और अपील करने का स्पष्ट कारण (Reason) लिखें।
  6. संबंधित साक्ष्य (Proof) की PDF अपलोड करें और “Submit Appeal” बटन पर क्लिक करें।
  7. आपको एक अपील संख्या (Appeal Number) मिल जाएगी, और आपका केस DCLR के पास दर्ज हो जाएगा।

15. मापी अपील (Mapi Appeal) करने के लिए कितना शुल्क लगता है?

मापी अपील का शुल्क भी मूल मापी शुल्क के बराबर ही है:

  • शहरी क्षेत्र (Urban): ₹1000/- (एक हज़ार रुपये) प्रति खेसरा।
  • ग्रामीण क्षेत्र (Rural): ₹500/- (पांच सौ रुपये) प्रति खेसरा।

सभी महत्वपूर्ण लिंक और उनके कार्यों का विवरण नीचे दी गई है:

लिंक (Link)विवरण (Description)
biharbhumi.bihar.gov.inयह बिहार भूमि का मुख्य आधिकारिक पोर्टल है। इसका उपयोग जन शिकायत दर्ज करने, पोर्टल पर लॉगिन करने और LPC (भूमि कब्ज़ा प्रमाण पत्र) के लिए आवेदन करने जैसी सेवाओं के लिए किया जाता है।
land.bihar.gov.inयह भूमि सुधार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट है। इसका उपयोग मुख्य रूप से ऑनलाइन दाखिल-ख़ारिज (Mutation) के लिए आवेदन करने और भू-नक्शा (Bhu-Manchitra) देखने के लिए किया जाता है।
www.bhulagan.bihar.gov.inयह बिहार का आधिकारिक भू-लगान पोर्टल है। इसका उपयोग ज़मीन का ऑनलाइन लगान (टैक्स) जमा करने और बकाया राशि की जाँच करने के लिए होता है।
https://parimarjan.bihar.gov.in/यह “परिमार्जन” पोर्टल है। इसका उपयोग डिजिटल जमाबंदी रिकॉर्ड (जैसे- नाम, खाता, खेसरा) में हुई गलतियों को सुधारने के लिए ऑनलाइन शिकायत (Grievance) दर्ज करने के लिए किया जाता है।
https://parimarjanplus.bihar.gov.in/यह “परिमार्जन प्लस” पोर्टल है। इसका उपयोग ऑनलाइन जमाबंदी में त्रुटियों के सुधार के लिए और ऐसी जमाबंदी को ऑनलाइन चढ़वाने के लिए किया जाता है जो डिजिटाइज़ेशन में छूट गई हो (ऑनलाइन नहीं दिख रही हो)।
https://bhuabhilekh.bihar.gov.in/bhu-lekh/इस पोर्टल का उपयोग दाखिल-खारिज केस के पूरा (निष्पादित) होने के बाद, उस वाद (Case) अभिलेख की सत्यापित प्रति (Certified Copy) ऑनलाइन प्राप्त करने के लिए किया जाता है।
https://emapi.bihar.gov.in/यह ई-मापी (eMapi) पोर्टल है। इसका उपयोग रैयती (निजी) ज़मीन की सरकारी मापी (Measurement) के लिए ऑनलाइन आवेदन करने और मापी अपील (Mapi Appeal) दायर करने के लिए किया जाता है।
JamabandiBihar.comJamabandiBihar.com एक सूचनात्मक वेबसाइट (informational website) या ब्लॉग है जो बिहार के भूमि अभिलेखों (जैसे जमाबंदी, दाखिल-खारिज, लगान, LPC, परिमार्जन आदि) के बारे में गाइड, प्रक्रिया और अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) प्रदान करती है।

यह कोई आधिकारिक सरकारी वेबसाइट नहीं है। लेख में उल्लिखित आधिकारिक सरकारी पोर्टल biharbhumi.bihar.gov.in और land.bihar.gov.in जैसे हैं।
Content sources: Government Sites.*

संपर्क विवरण (Contact Details)

संपर्क का प्रकारविवरण
विभाग का नामराजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार
पतापुराना सचिवालय, बेली रोड, पटना – 800015
टोल-फ्री नंबर18003456215
ईमेलemutationbihar@gmail.com

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